आयोध्या के महंत ने की शबनम को माफ़ी देने की अपील, बोले- होगी फांसी तो आएगा प्रलय

Shabnam

 

 

-अक्षत सरोत्री

 

अमरोहा हत्याकांड में देश में पहली बार किसी महिला (Shabnam) को फांसी होने वाली है। जिसको लेकर पहले इस महिला अपराधी शबनम के बेटे ने राष्ट्रपति से गुहार लगा कर अपनी माँ की सजा माफ़ करवाने की अपील की थी। जिसका अभी कोई भी जवाब प्रशासन से नहीं आया है। अब एक और बात सामने आई है जिसके तहत आयोध्या के एक महंत ने शबनम की फांसी को लेकर नई भविष्यबाणी कर डाली जिस को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। लेकिन उससे पहले आपको बताते हैं कि आखिर किन हालातों में यह गुनाह हुआ।

 

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यह बोले महंत जी

 

प्रेमी से शादी करने के लिए अपने ही परिवार के (Shabnam) सात लोगों को बेरहमी से मौत के घाट उतारने वाली हत्‍यारिन शबनम की फांसी रोकने के लिए पहली मांग अयोध्‍या से उठी है। तपस्‍वी छावनी के महंत परमहंस दास ने राष्‍ट्रपति से अपील की है कि वे शबनम की फांसी की सजा को माफ कर दें। महंत ने कहा कि देश की आजादी के बाद आज तक किसी महिला को फांसी नहीं दी गई। यदि शबनम को फांसी दी जाती है तो यह पहला मामला होगा। उन्‍होंने कहा कि एक महिला को फांसी दिए जाने से देश को दुर्भाग्‍य और आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है।

 

 

महंत जी ने भी कर डाली राष्ट्रपति से माफ़ी की अपील

 

 

महंत ने कहा कि ‘हिंदू शास्‍त्रों में नारी का (Shabnam) स्‍थान पुरुष से बहुत ऊपर है। एक नारी को मृत्‍युदंड दिए जाने से समाज का कोई भला नहीं होगा। उल्‍टे इससे दुर्भाग्‍य और आपदाओं को न्‍यौता मिलेगा।’ महंत ने कहा कि यह सही है कि उसका अपराध माफ किए जाने योग्‍य नहीं है लेकिन उसे महिला होने के नाते माफ किया जाना चाहिए। महंत परमहंस दास ने कहा कि ‘हिंदू धर्मगुरु होने के नाते मैं राष्‍ट्रपति से अपील करता हूं कि माफी के लिए शबनम की याचिका को स्‍वीकार कर लें। अपने अपराध के लिए वह जेल में प्रायश्चित कर चुकी है।

 

फांसी दी गई तो यह इतिहास का दुर्भाग्‍यपूर्ण होगा अध्‍याय

 

 

यदि उसे फांसी दी गई तो यह इतिहास (Shabnam) का सबसे दुर्भाग्‍यपूर्ण अध्‍याय होगा। महंत ने कहा कि देश का संविधान राष्‍ट्रपति को असाधारण शक्तियां देता है। उन्‍हें इन शक्तियों का इस्‍तेमाल क्षमा देने में करना चाहिए।’ उत्‍तर प्रदेश के अमरोहा के बाबनखेड़ी गांव की शबनम को अपने ही परिवार के सात लोगों की बेरहमी से हत्‍या के अपराध में फांसी की सजा दी गई है।

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