इस गांव के लिए श्राप है सूरज की रौशनी, धूप में निकलते ही गलने लगती है त्वचा!

-करिश्मा राय तंवर

 

कहते हैं सूर्य की किरणे हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। ये किरणे हमारी कई बीमारियों से भी बचाती है। लेकिन एक गांव ऐसा है जहां के लोगो के लिए सूर्य की किरणे किसी श्राप से कम नहीं है। आज हम आपको दुनिया में मौजूद एक ऐसे ही गांव के बारे में बताने जा रहे हैं जहां लोग सूरज के प्रकाश से बचकर रहना चाहते है। अगर गलती से यहां के लोग धूप में आते है तो उनकी त्वचा गलने लगती है।

 

हम बात कर रहे है अरारस नाम के गांव की जो ब्राजील के साओ पाउलों में स्थित है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यहां के ज्यादतर लोगों के चेहरे झुलसे हुए है। यहां के लोग दिन में बाहर निकलने से भी डरते हैं, क्योंकि यहां पर सूर्य की किरणे इतनी खतरनाक है कि धूप में आते ही उनका शरीर गलने लगता है।

 

 

दरअसल ऐसा कहा जाता है कि इस गांव के लोगों को एक अजीब तरह की बिमारी है. इस बीमारी का नाम एक्सोडेरमा पिगमेंटोसम है जिसे एक्सपी भी कहते हैं. इस बीमारी में धुप के कारण स्किन गल जाती है। वैसे तो यह बीमारी लाखों लोगो में से किसी एक को होती है पर इस गांव में 3 फीसदी आबादी इस बीमारी से पीड़ित है। यही वजह है कि यहां के लोग धूप में निकलने से डरते हैं क्योंकि यहां के लोगों के लिए बाहर धूप में निकलना सजा से कम नहीं है।

 

हालांकि गांव के कुछ लोगों का कहना है कि इस गांव के लोग भगवान का दंड भुगत रहे है। वहीं कुछ ऐसे भी कहते है कि यहां के लोगों को श्राप मिला। लेकिन इस गांव में ज्यादातर लोग खेती से जुड़े हुए हैं इसलिए लोगों के पास धूप में काम करने के सिवा और कोई चारा भी नहीं है और इसका नतीजा ये हो रहा है कि त्वचा की इस भयानक बीमारी के चलते लोगों की जिंदगी मुश्किल होती जा रही है।

 

 

आपको बता दें कि इस गांव में 800 लोगों में से 20 लोग इस बीमारी के शिकार हैं। मतलब ये हुआ कि हर चालीस लोगों में एक आदमी इस बीमारी से पीड़ित है। हालांकि अब इस बीमारी से बचने के लिए गांव में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बच्चों को इसके शुरूआती लक्षणों के बारे में बताया जा रहा है साथ ही बाहर धूप में कम से कम निकलने की सलाह दी जा रही है।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *