महिलाओं के प्राइवेट पार्ट में होते है इतने प्रकार के छेद, सभी छेदों के होते हैं अपने काम

 

महिलाओं का शरीर नाजुक होता है और महिलाओं कि योनि (vegina) उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक होती है। योनि की संरचना काफी जटिल होती है। इसमें बर्थ कैनाल से लेकर यूट्रस तक के छेद होते हैं.

 

 

महिलाओं की योनि को लेकर महिलाओं और पुरुषों के मन में बहुत सारे सवाल होते हैं। एक रिसर्च (research) में पाया गया है कि अधिकतर पुरुष इंटरनेट पर महिलाओं की योनि से जुड़े हुए सवाल सबसे ज्यादा पूछते हैं और योनि की तस्वीरें सबसे ज्यादा देखते हैं।

 

 

वेजाइना (vegina) मुलायम और लचीले (flexible) उत्तकों से मिलकर बनीं होती है। इसमें मौजूद टिशू का लचीलापन (flexibility) इसे लुब्रिकेशन (lubrication) और उत्तेजकता पैदा करने में मदद करता है। यूट्रस (uterus) यानि की गर्भाशय को वेजाइना को बाहरी दुनिया से जोड़ती है।

 

महिला के श्रोणि क्षेत्र में, तीन छेद होते हैं। सबसे ऊपर मूत्रमार्ग है (जहां से मूत्र निकलता है) दूसरा एक योनि है, जहां लिंग या उंगली को प्रवेश किया जा सकता है और तीसरे नीचे वाले छेद को गुदा के रूप में जाना जाता है जहां से फेकल व्यर्थ पदार्थ बाहर निकलता है। जैसा की आपने ऊपर जाना मूत्रमार्ग में एक उंगली या लिंग नहीं जा सकता है।

 

 

महिलाओं की बाहरी सेक्स ऑर्गन वुल्वा के नाम से जाना जाता है। वुल्वा एक वैज्ञानिक नाम होता है। वुल्वा में जो छिद्र होता है उसे ही वेजाइना के नाम से जाना जाता है। वेजाइना महिलाओं के गर्भाश्य को बाहर से भीतर जोड़ने वाला रिप्रोडक्टिव ऑर्गन होता है। मासिक धर्म के समय शरीर से ब्लड को बाहर निकालने, बच्चे को जन्म देनें, गर्भपात के दौरान भ्रूण को महिला के शरीर से बाहर निकालने और सेक्स के दौरान पेनिस से इंटरकोर्स का काम महिलाओं की वेजाइना का होता है।

 

 

वेजाइना ढ़ीली किन कारणों से होती है
बच्चे को जन्म देने से
सर्जरी से
बढ़ती उम्र के कारण
वजन बढ़ने के कारण
किगल एक्सरसाइज पेल्विक फ्लोर के मसल्स को मजबूत होने में मदद करती है। इसी के साथ ब्लैडर, यूट्रस, रैक्टम और छोटी आंत को भी इससे सहारा मिलता है। इसलिए योनी को टाइट करने के लिए किगल एक्सरसाइज करना फायदेमंद होता है।

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