सरकार और किसानों के बीच बनी सहमति, सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने तंबू उखाड़ने शुरू किए

 

पिछले 1 साल से देश के अलग-अलग बॉर्डर पर बैठे किसानों और सरकार के बीच सहमति बनती दिख रही है. दिल्ली के सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) पर किसान न सिर्फ मिठाई बांटकर जश्न मन रहे हैं बल्कि उन्होंने अपने तंबू उखाड़ने और सामान की पैकिंग भी शुरू कर दी है. उधर संयुक्त मोर्चा के सूत्रों ने बताया कि बॉर्डर खाली करने में दो दिन का समय लगेगा. इसके अलावा किसानों का प्रदर्शन अन्य रूपों में जारी रहेगा. जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती, या लिखित में नहीं मिलता, राज्यों में प्रदर्शन होंगे.

 

बुधवार को SKM ने घोषणा की थी कि कृषि कानून वापसी के बाद किसानों की अन्य मांगों पर केंद्र सरकार ने जो प्रस्ताव दिया है, उसे किसान संगठनों ने मान लिया है. अब किसान नेता राकेश टिकैत के तेवर भी कुछ नरम नजर आ रहे हैं. राकेश टिकैत ने गुरुवार को कहा कि बात बनती दिखाई पड़ रही है. लगता है कि आज मामला ठीक हो जाएगा. हालांकि, टिकैत ने कहा था कि  सरकार ने कच्चे कागज में प्रस्ताव दिया है, हमें पक्के दस्तावेज चाहिए. राकेश टिकैत ने कहा, जो भी प्रस्ताव सरकार की तरफ से आया है, बस हमारी मांग यह है कि उन्हें लिखित तौर पर दे दिया जाए.