दिल्ली में युवाओं को बर्बाद करने के लिए केजरीवाल सरकार द्वारा जगह-जगह शराब के ठेके खोले जा रहे है- चौ0 अनिल कुमार

नई दिल्ली, 10 जनवरी, 2022 -दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने आज उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा अपने क्षेत्रीय कार्यालय ईस्ट विनोद नगर में जे.जे. कलस्टर और स्कूल के नजदीक शराब का ठेका खोलने की निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता राजधानी में ऐसी किसी भी जगह पर शराब की दुकान खोलने नही देंगे जिसे धार्मिक स्थल, स्कूल, सरकारी कार्यालय क्षेत्र, रिहायशी क्षेत्र व अन्य सार्वजनिक स्थल के नजदीक खोला जाऐगा। चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अरविन्द केजरीवाल की नई आबकारी जनविरोधी नीति का शुरु से ही विरोध कर रही क्योंकि भाजपा के साथ मिलीभगत करके केजरीवाल राजधानी में लगभग 1000 शराब के ठेके खोलने जा रही है।

चौ0 अनिल कुमार ने अरविन्द केजरीवाल द्वारा दिल्ली और राजनीति को बदलने के बयान पर कहा कि अरविन्द केजरीरवाल द्वारा हर वार्ड में 3-3 शराब के ठेके खोलने के बाद दिल्ली को नशे की राजधानी बनाकर सबसे बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि मनीष सिसोदिया ने रातों रात गुप चुप तरीके अपने क्षेत्र में शराब का ठेका खोलने को हम कभी इजाजत नही देंगे। उनके कार्यालय के नजदीक शराब का ठेका खोले जाने में शराब माफिया के साथ सांठगांठ साफ जाहिर होता है। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल द्वारा पास दिल्ली सरकार की शराब नीति में करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ है और उनके पूर्व सहयोगी ने भी 500 करोड़ के भ्रष्टाचार को उजागार किया है जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल ने सत्ता में आने से पूर्व दिल्ली में नशाबंदी का नारा देते थे परंतु अपने तीनों चुनाव घोषणा पत्रों में नशे की बात करने बाद राजधानी को शराबमुक्त करने की जगह युवाओं की उम्र 25 से घटाकर 18 वर्ष करके शराबमय बना दिया है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल की शराब नीति के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई रिहायशी क्षेत्रों में शराब के ठेके बंद कराए है और कांग्रेस पार्टी बिना रायशुमारी के रिहायशी क्षेत्रों में शराब के ठेके नही खुलने देगी।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेक्सट्रोमैथार्फन सिरप को 4 वर्ष से छोटे बच्चों को मनाही के बावजूद मौहल्ला क्लीनिक में एक बार फिर डेढ़ साल की बच्ची को यह सिरप दिया गया जिसकी हालत नाजुक है। ज्ञात रहे कि दिसम्बर महीने में भी मौहल्ला क्लीनिक में डेक्सट्रोमैथार्फन सिरप देने के कारण तीन बच्चों की मौत का मामला सामने आया था।