Uttar Pradesh : फ्लैट और उसमे सुविधा देने के नाम पर आवास विकास पर आबंटियों को धोखा देने का लगा आरोप

फ्लैट और उसमे सुविधा देने के नाम पर आवास विकास पर आबंटियों को धोखा देने का आरोप लगा है। आरोप है कि आवास विकास ने रकम तो मोटी वसूल ली लेकिन जब सुविधा देने की बात आई तो ठेंगा दिखा दिया। आलम अब यह हो चुका है कि टूटी – फूटी सड़क, खस्ताहाल दरवाजे – नल और खौफ के साये में आबंटी फ़्लैट में रहने पर मजबूर है।

लखनऊ मुख्यालय से तकरीबन 14 किलोमीटर की दूरी पर सेक्टर – 13 में आवास विकास परिषद की ओर से योजना के तहत फ्लैटों की बुकिंग वर्ष 2017 में शुरू की थी। 2022 में सभी आबंटियों को पजेशन भी मिल गया लेकिन जिस हालत में लोगों को फ़्लैट मिले उसको देखकर लोगों के हाथ सिर्फ मायूसी ही लगी। दरअसल जिस तरह की सड़के और फ़्लैट लोगों को दिए गए है उसको देखकर तो यही लगता है इनको बनाने में आवास विकास के इंजीनियर और ठेकेदारों ने बड़ा घपला किया है। घपले की भनक जब आबंटियों को हुई तो शिकायत पर शिकायत की लेकिन आवास विकास ने शिकायतों को अनसुना कर दिया। नतीजा आबंटियों ने हमसे गुहार लगाई। हक़ीक़त जानने के लिए जब हमारे सवाददाता अनूप चौधरी मौके पर पहुंचे तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और आवास विकास के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाली।

आवास विकास परिषद ने जिन हालातों में आबंटियों को फ्लैट का पजेशन दिया उससे साफ है कि यह सब बेहद जल्दबाजी में हुआ । पार्को की हालत बेहद दयनीय है। कॉलोनी के एक तरफ रेलवे लाइन और और उसके बाद कई किलोमीटर का घना जंगल। वन बीएचके और टू बीएचके को मिलकर 9 सौ फ़्लैट है लेकिन जंगल होने की वजह से हमेशा लोगों को डर सताया करता है कि कब कौन जंगली जानवर जंगल से उनके परिसर तक आ जाये। हालांकि आवास विकास ने बाउंड्रीवाल लगाने की बात कही थी लेकिन चारों तरफ कही कोई बाउंड्रीवाल नहीं। अब बात करते है फ्लैट की। यहाँ के फ्लैट बनाने में भी भ्रस्टाचार कम नहीं हुआ। सड़क से लेकर फ्लैट के अंदर तक भ्रस्टाचार ही भ्रस्टाचार हुआ।