यूपी के बलरामपुर में भी हाथरथ कांड जैसी हैवानियत आई सामने…परिजनों का आरोप गैंगरेप के बाद कमर और दोनों पैर तोड़ दिए

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रवि श्रीवास्तव 

हाथरस में हैवानियत की प्रकाष्ठा पार करने को लेकर देश में उबाल और सड़कों पर बवाल है, हर योगी सड़ चुके सिस्टम और सिसक रही बेटियों को लेकर आवाज बुंलद कर रहा हैं..लेकिन इस बीच यूपी के ही बलरामपुर में कुछ ऐसा हुआ जिसने एक बार फिर समाज को कलंकित किया और खाकी का खत्म हो चुका खौफ दुनिया के सामने ला दिया

जानकारी के मुताबिक बलरामपुर में दलित युवती के साथ हैवानियत बरती गई। 22 साल की दलित छात्रा के साथ गैंगरेप के बाद उसकी कमर और दोनों पैर तोड़ दिए गए। इसके बाद छात्रा को रिक्शे में बिठाकर घर भेज दिया गया, जहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है

परिवार का गंभीर आरोप…..अधिकारी बोले ऐसा कुछ नहीं हुआ 

इस घटना को लेकर पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी मेधावी थी, पूरे गांव में किसानों को जागरुक करती थी, वो पढ़ना चाहती थी और पढ़ाना चाहती थी….समाज को जागरूक बनाना चाहती थी, घर से एडमिशन के लिए ही निकली थी लेकिन रास्ते में से हीं गांव के ही  5 से 6 लड़कों ने उसका अपहरण कर लिया और गांव के ही एक घर में ले जाकर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। मृतक युवती की मां का आरोप है कि उसकी बेटी को इंजेक्शन लगाकर हैवानियत की वारदात को अंजाम देने के बाद कमर और दोनों टांगों को तोड़कर रिक्शे पर बैठाकर घर भेज दिया गया जिसके बाद वो कुछ भी बोल नहीं पा रही थी। वह सिर्फ इतना कह पाई, ‘बहुत दर्द है अब मैं बचूंगी नहीं।’ हालांकि बलरामपुर एसपी देव रंजन वर्मा ने कहा है कि हाथ पैर और कमर तोड़ने वाली बात सही नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

रिक्शे में लादकर घर भेजने का आरोप 

परिवार वालों का आरोप ये भी है कि गैंगरेप के बाद हैवानों ने उसे एक रिख्शे में लादकर घर भेज दिया, हैवानियत किस कदर की गई थी रिख्शे में भी मासूम का खून लगा था…परिवार का कहना है कि रिख्शे तक में खून के धब्बे थे। सूत्रों की मानें तो गैगरेप के बाद युवती के आंतरिक और बाहरी अंगों में काफी चोटें आई हैं जिसके कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस ने अब तक महज 2 लोगों की गिरफ्तारी इस मामले में की है

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