उत्तराखंड त्रासदी: अभी भी दूसरी सुरंग में फंसे हैं 35 लोग, रेस्क्यू जारी

Uttarakhand tragedy

 

-अक्षत सरोत्री

 

 

उत्तराखंड (Uttarakhand tragedy) में जो मंजर तपोवन टनल का सामने आ रहा है वो काफी भयानक और डराने वाला है। हमारे सेना के जवानों को सलाम है जो इस मुश्किल घड़ी में मोर्चा संभाल कर खड़े हैं और वो हर संभव कोशिश कर रहे हैं। ताकि हर जिंदगी को बचाया जा सके। रविवार को धौलीगंगा, ऋषिगंगा और तपोवन क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा में सोमवार को दोपहर 12 बजे तक जिला प्रशासन चमोली द्वारा दी गई सूचना के मुताबिक अब तक 18 शव मलबे से निकाले जा चुके हैं और 202 लोग लापता बताए गए हैं।

 

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एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना का रेस्क्यू लगातार जारी

 

 

एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और स्थानीय (Uttarakhand tragedy) पुलिस की टीमों की मदद से मलबे में दबे हुए 28 लोगों को अब तक जीवित निकाला गया है, जिनमें छह घायलों को जोशीमठ के अस्पताल में भर्ती किया गया है। 15 से ज्यादा प्रभावित गांव में सेना के हेलीकॉप्टर से खाद्य सामग्री गिराई जा रही है और इन गांवों में रसद पहुंचाई जा रही है। उत्‍तराखंड के चमोली जिले में आई बाढ़ में मरने वालों की संख्‍या बढ़ सकती है। आधिकारिक तौर पर इस त्रासदी में 19 लोगों के मरने की बात कही जा रही है।

 

 

अभी भी हैं 200 से ज्यादा लोग लापता

 

सोमवार को राज्‍य के सीएम (Uttarakhand tragedy) त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 200 लोगों के लापता होने की आशंका जताई है। ऐसे में तपोवन के हाइड्रोपावर प्रॉजेक्‍ट की सुरंगों में फंसे मजदूरों की सांस अधर में लटकी है। यहां दो सुरंगे हैं। इन सुरंगों में से 30 से 35 मजदूरों को बाहर निकाला जा चुका है। इन दो सुरंगों में से छोटी सुरंग में से तो लगभग सभी मजदूर बाहर आ चुके हैं। लेकिन बड़ी सुरंग में रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन चलाने में ही असली समस्‍या सामने आ रही है।

 

दूसरी सुरंग में भी 35 से ज्यादा लोग फंसे हैं

 

अनुमान है कि दूसरी सुरंग में 35 लोग फंसे हैं। उन्हें निकालने (Uttarakhand tragedy) की कोशिश जारी है। यह बड़ी सुरंग करीब ढाई किलोमीटर लंबी है। चूंकि सिल्‍ट की वजह से इन सुरंगों के मुहाने तक पहुंच पाना मुश्किल है इसलिए यहां बचाव कर्मी रस्सियों के सहारे ही इनके अंदर पहुंच पा रहे हैं। इस बड़ी सुरंग में इसी वजह से मशीनों की मदद से भरी हुई गाद या सिल्‍ट की सफाई नहीं हो पा रही है। इस सुरंग में फंसे मजदूर किस हालत में होंगे इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। भारत-तिब्‍बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के कर्मियों ने जिस तरह से सुरंग से एक-एक करके कई मजदूरों को बाहर निकाला है।

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