तेल महंगाई से लगी सब्जियों की कीमतों में आग

 

 

सर्दी के मौसम में डीजल की बढ़ती कीमतों ने सब्जियों के दाम बढ़ा दिए हैं। कई भारतीय शहरों में टमाटर की कीमत 80 रुपये प्रति किलो को पार कर गई है। दूसरी ओर मटर की कीमत बढ़कर 100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। पेट्रोलियम की बढ़ती कीमतों और दक्षिणी क्षेत्रों में बारिश के कारण, फसल खराब होने के कारण, परिवहन लागत में वृद्धि के कारण सब्जियां अधिक महंगी हो गई हैं।

 

 

वही भोपाल में जब पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के कारण परिवहन लागत में वृद्धि होती है तो सब्जी की कीमतें बढ़ जाती हैं। टमाटर की कीमत 80 रुपये प्रति किलो, प्याज की कीमत 30 रुपये प्रति किलो, भिंडी की कीमत 80 रुपये प्रति किलो और मटर की कीमत 100 रुपये प्रति किलो है।

 

 

दक्षिण भारत में बारिश के कारण फसल खराब होने से टमाटर की कीमतों में तेजी आई है। नवंबर से दिसंबर तक टमाटर की बुवाई की जाती है। देश की राजधानी दिल्ली समेत कुछ जगहों पर टमाटर के दाम 100 रुपये के पार पहुंच गए हैं | नतीजा यह है कि टमाटर के दाम आम आदमी की समझ से बाहर हो गए हैं | शादी के सीजन में भले ही मांग बढ़ी हो, लेकिन कीमतों में कमी नहीं आई है। चेन्नई में टमाटर की कीमत 160 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। टमाटर की फसल को बाढ़ से हुए नुकसान के परिणामस्वरूप आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में टमाटर की कीमतों में नाटकीय रूप से वृद्धि हुई है।

 

 

 

 

 

 

– कशिश राजपूत