ग्रामीणों को मिली जल जीवन योजना की सौगात, पीएम मोदी ने किया वर्चुल शिलान्‍यास

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-आकृति वर्मा

 

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और सोनभद्र में 41 लाख से ज्‍यादा ग्रामीणों को योगी सरकार हर घर नल योजना की सौगात मिली। वहीं रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से इस योजना का वर्चुल शिलान्‍यास किया। पीएम ने सभा को आनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि यह ऐसा क्षेत्र है जिसे आजादी के बाद दशकों तक उपेक्षित रखा गया था, इस क्षेत्र की सबसे अधिक उपेक्षा की गई। विंध्याचल हो या बुंदेलखंड बहुत सारे संसाधन होने के बावजूद ये क्षेत्र कमियों के क्षेत्र बन गए थे। कई नदियां होने के बावजूद इन क्षेत्रों को सबसे प्यासा और सूखा प्रभावित क्षेत्रों के रूप में जाना जाता था। इतने सारे लोगों को यहां से पलायन करने के लिए मजबूर किया गया। ‘हर घर जल’ योजना का एक वर्ष पूरा हो गया है। 2.60 करोड़ से अधिक परिवारों ने अपने घरों में नलों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की सुविधा लेना शुरू कर दिया है। आज शुरू हुई परियोजनाओं को आगे और गति मिलेगी। सोनभद्र के कोटा ग्राम पंचायत के गुरमुरा में हर घर पेयजल योजना के शुभारंभ के दौरान प्रधानमंत्री ने वर्चुअल संवाद के दौरान फूलपति देवी से बात की। उन्‍होंने क‍हा कि अपने फैसले लेने पर गांव के हर व्‍यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है।

 

 

 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब अपने गांव के विकास के लिए, खुद फैसले लेने की स्वतंत्रता मिलती है, उन फैसलों पर काम होता है, तो उससे गांव के हर व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर गांव, आत्मनिर्भर भारत के अभियान को बल मिलता है। जब विंध्यांचल के हजारों गांवों में पाइप से पानी पहुंचेगा, तो इससे भी इस क्षेत्र के मासूम बच्चों का स्वास्थ्य सुधरेगा, उनका शारीरिक और मानसिक विकास और बेहतर होगा। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर पाइप से पानी पहुंचने की वजह से हमारी माताओं-बहनों का जीवन आसान हो रहा है। इसका एक बड़ा लाभ गरीब परिवारों के स्वास्थ्य को भी हुआ है। इससे गंदे पानी से होने वाली हैजा, टायफायड, इंसेफलाइटिस जैसी अनेक बीमारियों में भी कमी आ रही है।

 

 

पीएम मोदी ने कहा कि हर घर जल पहुंचाने के अभियान को अब डेढ़ साल हो रहे हैं। इस दौरान देश में दो करोड़ 60 लाख से ज्यादा परिवारों को उनके घरों में नल से शुद्ध पीने का पानी पहुंचाने का इंतजाम किया गया है। इसमें लाखों परिवार उत्तर प्रदेश के भी हैं। 21वीं सदी में दुनिया की आशाएं और अपेक्षाएं भारत से हैं और भारत की आशा और अपेक्षा आपके साथ जुड़ी हैं। हमें तेज गति से चलना ही होगा, आगे बढऩा ही होगा। आज की जो पीढ़ी है, 21वीं सदी का जो युवा है, उसको एक क्लीन स्लेट के साथ आगे बढऩा होगा। कुछ लोंगों के मन में यह जो पत्थर की लकीर बनी हुई है, कि कुछ बदलेगा नहीं, उस लकीर को साफ करना होगा। और क्लीन हार्ट का मतलब साफ नीयत। आप देखिए जीवन में वही लोग सफल होते है, वही लोग कुछ कर दिखाते है जिनके जीवन में जिम्मेदारी का भाव होता है। विफल वो होते है जो जिम्मेदारी उठाने से भागते हैं, जिम्मेदारी को बोझ समझते हैं वह कभी सफल नहीं हो सकते हैं।

 

 

 

 

वहीं ग्रामिणों को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 70 साल में विंध्य क्षेत्र के केवल 398 गांवों में पेयजल आपूर्ति परियोजनाओं को विनियमित किया जा सका। आज हम इस क्षेत्र के 3000 से अधिक गांवों में ऐसी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए हैं।

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