फरीदाबाद का ये अद्भुत झरने वाला मंदिर बना आकर्षण का केंद्र, जानिए इस मंदिर की खासियत

waterfall temple of Faridabad

 

 

फरीदाबाद में अरावली की पहाड़ियों की गोद में बसा गांव मोहबताबाद इन दिनों काफी चर्चाओ में है। बता दें की गांव के झरने वाले मन्दिर में एक झरना है जिसका स्वरुप इस बरसाती दिनों में दोबारा लौट आया है जिसे देखने के लिए लोग दूर दराज से आ रहे है इतना ही नहीं इस मन्दिर का भी इतिहास महाभारत काल और श्रवण काल से जुड़ा हुआ है यहाँ के पुजारी और ग्रामीणों ने बताया की यह मन्दिर हजारो वर्षो से ऋषि मुनियों की तपो स्थली रहा है।

 

दिखाई दे रहा यह वही झरना है जो इन दिनों काफी चर्चाओ में है और लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बता दें की यह झरना फरीदाबाद की अरावली की गोद में बसे गाँव मोहबताबाद में स्थित एक प्राचीन मन्दिर में गिर रहा है। जहाँ लोग इस झरने को देखने के लिए दूर दराज से आ रहे और यहाँ आकर झरने के नीचे नहा कर मौज मस्ती भी कर रहे है यह झरना यह मन्दिर लोगों के लिए सेल्फ़ी पॉइंट बना हुआ है।

 

 

यह मन्दिर काफी प्राचीन है

 

 

 

यहाँ के पुजारी और ग्रामीणों ने इस मन्दिर और इस झरने के बारे में बताते हुए कहा की यह मन्दिर काफी प्राचीन है और तभी से यह झरना बह रहा है लेकिन ग्रामीण लखमी चन्द ने बताया की पहले यह झरना 12 महीने गिरता था लेकिन अरावली में हुए अवैध खनन और कम हो रही बरसात के चलते यह झरना अब केवल बरसाती मौसम में ही बहता है।

 

 

वहीं उनके मुताबिक़ यहाँ पर ऋषि मुनी तपस्या किया करते थे यहॉं श्रवण कुमार भी आकर रुके थे और महाभारत काल में पांडव भी आये थे, जिनके तप से यहां यह झरना बहने लगा था और यहां उन्हीं के द्वारा सात कुण्ड बनाये गए थे फिलहाल काफी गहरे होने के चलते उन सभी कुंडों को बन्द कर दिया गया है और एक कृत्रिम कुण्ड बनाया गया है।

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