किसका होगा कांग्रेस पार्टी पर राज, गहलोत ‘सीएम’ पद छोड़ने को तैयार

Congress president: कांग्रेस पार्टी में इन दिनों अध्यक्ष पद की कुर्सी पाने के लिए सभी नेता अपना-अपना दावा ठोक रहे हैं। वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री ने अपने पद को छोडने का ऐलान तक कर दिया है। पार्टी ने कल यानि 22 सितंबर को चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर चुने जाने से पार्टी की सूरत में उनके उत्तराधिकारी को लेकर अंतिम फैसला पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा लिया जाएगा।

पद छोडने के लिए तैयार सीएम अशोक गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्टी अध्यक्ष बनने के लिए अपने (CM) पद से हटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मैं हर हाल में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद पर चुनाव लडूगां। केरल के कोच्चि में सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि पार्टी में एकता पर जोर देते हुए कहा कि चाहे जो भी चुनाव जीते, कांग्रेस को सभी स्तरों पर मजबूत करने के लिए उन सभी को साथ मिलकर काम करना होगा। सीएम गहलोत ने कहा कि जब कांग्रेस कमेटी ये प्रस्ताव पास कर रही है कि आपको (राहुल गांधी) अध्यक्ष बनना चाहिए तो फिर आप उसे स्वीकार कीजिए। मैंने उनसे काफी बात करने की कोशिश की। उनका कहना है कि हमने फैसला कर लिया कि इस बार कोई गांधी परिवार का व्यक्ति उम्मीदवार नहीं बनेगा।

गहलोत ने सीपी जोशी का नाम आगे किया

गहलोत चाहते हैं कि उनके गुट का सीनियर नेता राजस्थान का मुख्यमंत्री बने। मीडिया रिपोटर्स के अनुसार गहलोत ने सीएम पद के लिए राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के नाम को आगे रखा है

कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के लिए अधिसूचना जारी

बता दें कि कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के लिए अधिसूचना जारी की। अधिसूचना के अनुसार, गुरुवार से नामांकन फॉर्म उपलब्ध होंगे, जबकि 24 सितंबर से 30 सितंबर के बीच नामांकन दाखिल किया जाएगा। नामांकन की जांच 1 अक्टूबर को होगी और उसी दिन वैध उम्मीदवार की सूची प्रकाशित की जाएगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 8 अक्टूबर है, जिसके बाद एक अंतिम सूची लाई जाएगी। मतदान जहां 17 अक्टूबर को होगा, वहीं मतगणना 19 अक्टूबर को होगी।

पार्टी प्रमुख का पद वैचारिक : राहुल गांधी

राहुल गाधी ने कहा कि अध्यक्ष का पद सिर्फ एक संगठनात्मक पद नहीं है, बल्कि यह एक वैचारिक पद और एक विश्वास प्रणाली है। जो भी इस जिम्मेदारी को संभालता है, उसे यह याद रखना चाहिए कि वह भारत के एक नजरिये का प्रतिनिधित्व करेगा। उन्होंने सलाह दी कि आप ऐतिहासिक पद लेने जा रहे हैं। राहुल पहले ही यह संकेत दे चुके हैं कि वह इस चुनाव से दूर रहेंगे।

22 साल बाद फिर मुकाबला

22 साल बाद देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस का प्रमुख चुनाव के जरिये चुना जायेगा। 2000 में सोनिया गांधी और जितेंद्र प्रसाद के बीच मुकाबला हुआ था, जिसमें प्रसाद को करारी शिकस्त मिली थी। इससे पहले, 1997 में सीताराम केसरी, शरद पवार और राजेश पायलट के बीच अध्यक्ष पद को लेकर मुकाबला हुआ था, जिसमें केसरी जीते थे।

मनीष तिवारी भी लड़ सकते हैं चुनाव

सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी भी चुनाव लड़ने की संभावना पर विचार कर रहे हैं। इस बीच, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने गहलोत का खुल कर समर्थन किया है। उन्होंने थरूर को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि थरूर ने सोनिया गांधी के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उन्हें पत्र लिख कर उनके (वल्लभ) जैसे कार्यकर्ताओं को कष्ट पहुंचाया है।

सीएम के पद को लेकर पायलट के अलावा इन नामों की भी चर्चा तेज

गहलोत अगर कांग्रेस के अध्यक्ष बनते हैं तो उन्हें राजस्थान के मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ेगा। हालांकि, कौन राज्य की कमान संभालेगा इसका फैसला गहलोत ने आलाकमान पर छोड़ दिया है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि गहलोत पहले मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और फिर चुनाव लड़ेंगे या चुनाव के बाद इस्तीफा देंगे। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं जबकि सी.पी. जोशी और बी.डी. कल्ला के नामों की चर्चा भी तेज है।

Report – Shobhit Singh