व्रत के दौरान क्यों किया जाता है फल का सेवन, क्या हैं इसके फायदे!

करिश्मा राय

 

हमारे देश में लोगों की भगवान के प्रति बहुत आस्था है। हिंदूओं में कई पर्व होते हैं जिसमें लोग व्रत या उपवास करते हैं। इस दौरान अन्न जैसे कि गेहूं, चावल, दाल इत्यादि चीजों को खाने से परहेज किया जाता है। उपवास में लोग फल, दूध, मिठाई का सेवन कर गुजारा करते हैं। लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो इसके पीछे का कारण नहीं जानते हैं। तो चलिए जानते हैं इसके पीछे वजह क्या है?

 

व्रत में अन्न ग्रहण क्यों नही करते?
अन्न में ऐसे कई तत्व होते हैं जो शरीर में आलस लाते हैं या जिससे वासना उत्पन्न होती है। अब जब नींद या वासना हमें घेर लेगी तो हम अपना ध्यान भगवान पर केन्द्रित नहीं कर पाएंगे। शायद इसीलिए उपवास करने की परंपरा की शुरूआत की गई।

 

क्या खाना होगा फायदेमंद?
उपवास में दूध घी मेवे फल आहार इसलिए मान्य है क्योंकि ये भगवान को अर्पित की जाने वाली वस्तुएं हैं। प्रकृति प्रदत्त यह भोजन शरीर में सात्विकता बढ़ाता है। उपवास के दौरान किए जाने वाले अनुष्ठानों का भी व्यापक अभिप्राय है।

 

वहीं ऐसा माना जाता है कि फल में एंटीऑक्सीडेंट त्तव होते हैं, जिन्हें खाने शरीर के सभी किटाणू नष्ट हो जाते हैं और शव्सक्ति का शरीर शुद्ध हो जाता है। फलों को उपवास में खाने से शरीर में पैदा होने वाले विषैले पदार्थों के प्रभाव को समाप्त किया जा सकता है। शारीरिक शुद्धि के लिए तुलसी जल, अदरक का पानी या फिर अंगूर इस दौरान ग्रहण किया जा सकता है।

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