महिलाओं को कंप्यूटर शिक्षा, मनरेगा में 100 दिन रोजगार, जानिये हरियाणा की योजनाएं ?

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-चंद्रशेखर पुनिया

 

हरियाणा के मुख्य सचिव विजय वर्धन ने कहा कि गांवों में बनाए गए सामुदायिक भवनों में महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के लिए कम्प्यूटर की व्यवस्था की जाए ताकि इन समूहों से जुड़ी महिलाएं कम्प्यूटर की बेसिक जानकारी हासिल कर सकें। इसके अलावा, ऐसे और अधिक स्थानों की पहचान की जाए, जहां इन समूहों द्वारा कैंटीन चलाई जा सके। मुख्य सचिव ने आज यहां ग्रामीण विकास तथा विकास एवं पंचायत विभागों की योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही। इन दोनों विभागों के प्रधान सचिव सुधीर राजपाल ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से मुख्य सचिव को इन विभागों द्वारा चलाई जा रही मुख्य योजनाओं की संक्षिप्त जानकारी दी। विभाग के निदेशक श्री हरदीप सिंह समेत अन्य वरिष्ठï अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।

 

 

इस दौरान मुख्य सचिव विजय वर्धन को अवगत करवाया गया कि महात्मा गांधी राष्टï्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत सितंबर 2020 तक 93.14 लाख मानव दिवस हासिल किए गए और वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान 4.89 लाख व्यक्तियों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध करवाया गया. इस स्कीम के तहत व्यक्तिगत श्रेणी के अंतर्गत वर्ष 2020-21 के दौरान 40 हजार पशु शैड बनाने का लक्ष्य है।

 

 

इसी तरह, सामुदायिक श्रेणी के तहत प्रत्येक जिले में 100 एकड़ पंचायती भूमि पर बागवानी पौधारोपण, हर जिले में 200 परम्परागत तालाबों को चौड़ा करने, महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए 2 लाख रुपये प्रति शैड की दर से प्रत्येक ब्लॉक में 5 शैड बनाने और लगभग 500 करोड़ रुपये से संबंधित विभागों के लेबर कन्वर्जेंस का लक्ष्य है। इसके अलावा, स्कूल प्ले ग्राउंड, तालाबों या जोहड़ों, ड्रेनों की सफाई, सभी ग्राम पंचायतों तथा जन-स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सप्लाई व स्टोरेज टेंकों के रख-रखाव को भी इस स्कीम के तहत लाया जाएगा। इस दौरान यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के तहत अब तक लगभग 284.88 करोड़ रुपये की लागत से 20423 मकानों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है जबकि 496 मकानों का कार्य शेष है। इस योजना के तहत प्रत्येक यूनिट के लिए मनरेगा के अंतर्गत मैदानी क्षेत्रों में 3 किस्तों में 1.20 लाख रुपये, 18 हजार टॉप अमाउंट, शौचालय के लिए 12 हजार रुपये तथा 90 मानव दिवसों के लिए 28 हजार रुपये की राशि दी जाती है।

 

 

श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुअर्बन मिशन- राष्ट्रीय रुअर्बन मिशन के तहत रुअर्बन कलस्टर विकसित किए जा रहे हैं। यह कलस्टर लगभग 25 हजार से 50 हजार तक की आबादी वाले भौगोलिक रूप से साथ लगती ग्राम पंचायत या कलस्टर है। केंद्र सरकार द्वारा मुलाना, समैण, बादली, उचाना खुर्द, बल्ला, कौसली, गणेशपुर, तिगांव, सिवा और सिंगार के रूप में ऐसे 10 कलस्टर स्वीकृत किए गए हैं. इस स्कीम के तहत इन कलस्टरों में सार्वजनिक परिवहन, सामुदायिक केंद्र, गांवों की स्ट्रीट लाइट और कौशल विकास जैसे घटक शामिल किए गए हैं।

 

बैठक में इस बात की भी जानकारी दी गई कि सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास स्कीम (एमपीलैड) के तहत प्रत्येक सांसद द्वारा प्रतिवर्ष 2 समान किस्तों में 5 करोड़ रुपये की राशि पेयजल, प्राथमिक शिक्षा और सडक़ों आदि के लिए दी जाती है। इस स्कीम के तहत 22.5 प्रतिशत खर्च अनुसूचित जाति की आबादी वाले क्षेत्रों में करना जरूरी है। इसी तरह, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत अवक्रमित प्राकृतिक स्रोतों के संरक्षण व विकास, बरसाती पानी के संग्रहण और भू-जलस्तर की रिचार्जिंग की कई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं।

 

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