सेहतमंद रहने के लिए महिलाएं जरूर कराएं ये टेस्ट्स

 

– कशिश राजपूत

 

 

अगर आपको लगता है कि आप तंदुरुस्त है तो ये आपकी सबसे बड़ी गल्ती होगी। महिलाएं मल्टी टॉस्किंग होती हैं, उनमें घर से लेकर ऑफिस तक में काम करने की कुव्वत होती है। घर परिवार और ऑफिस में बखूबी अपना किरदार निभाने वाली महिलाओं को अपने लिए भी वक्त निकालना जरूरी है।

 

 

थायराइड फंक्शन टेस्ट

 

थायराइड महिलाओं में तेजी से पनपने वाली बीमारी है जिससे महिलाओं को बाल झड़ने से लेकर वज़न बढ़ने तक की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। हार्मोनल परिवर्तन, रजोनिवृत्ति और गर्भावस्था के कारण महिलाओं को इसका खतरा अधिक होता है।

 

 

डेंटल एग्जाम कराएं

 

दांतों की कोई भी परेशानी नहीं हो तब भी साल में एक बार दांतों के डॉक्टर को जरूर दिखाएं। दांतों की सफाई के लिए हर 6 महीने में अपने डेंटिस्ट के पास जाएं।

 

पेल्विक टेस्ट

महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा काफी अधिक रहता है। इसलिए जरूरी है कि 40 की उम्र के बाद आप स्त्री रोग विषेशज्ञ के संपर्क में रहें।

 

 

 ब्रेस्ट एक्जामिनेशन टेस्ट

ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाली खतरनाक बीमारियों में सबसे ऊपर है। इससे होने वाली मौतों का खतरा भी अपने देश में अधिक है। उम्र बढ़ने के साथ इसके होने का खतरा बढ़ता जाता है। इसलिए मैमोग्राम करवाना जरूरी है और समय के साथ-साथ सेहत की निगरानी करना भी जरूरी है।

 

 

 

 

ओवेरियन कैंसर टेस्ट

महिलाओं में मेनोपॉज के बाद ओवेरियन कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है। डीएनए सेल्स में बदलाव के चलते इस बीमारी का खतरा अधिक हो जाता है। इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि ओवेरियन कैंसर के खतरे को टालने के लिए मेनोपॉज होने से पहले महिलाओं को इससे संबंधित जांच जरूर करानी चाहिए, जिसमें सामान्य अल्ट्रासाउंड, सीए 1.25 और सीईए ट्यूमर मार्कर्स शामिल हैं।

 

 

 

 

 

 

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