MANDAVIYA: चार धाम यात्रा में स्वास्थ्य सुरक्षा को तीन स्तरीय ढांचा तैयार होगा

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चार धाम यात्रा में स्वास्थ्य सुरक्षा के तीन स्तरीय ढांचा तैयार होगा
MANDAVIYA, 06 मार्च , (वार्ता)- केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने सोमवार को कहा कि सरकार जल्द ही देश भर से उत्तराखंड में चाम धाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए एक मजबूत स्वास्थ्य सहायता और आपातकालीन प्रबंधन के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने जा रही है। तीन स्तरीय संरचना की मदद से यह सुनिश्चित किया जायेगा कि, चिकित्सा की दृष्टि से तीर्थयात्रियों को उनकी यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सहायता मिल सके।
डा. मनसुख मांडविया ने सोमवार को नयी दिल्ली में उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से मुलाकात के बाद यह बात कही। इस दौरान, डॉ. रावत ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को कठिन मार्ग के साथ, तीर्थयात्रियों के सामने आने वाली स्वास्थ्य चुनौतियों और पिछले कुछ महीनों में स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों, जैसे स्ट्रोक आदि के कारण होने वाली तीर्थयात्रियों की मौत की जानकारी दी।

MANDAVIYA: चार धाम यात्रा में स्वास्थ्य सुरक्षा को तीन स्तरीय ढांचा तैयार होगा

डॉ मांडविया ने भारत सरकार से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए सर्वोत्तम संभव स्वास्थ्य देखभाल और स्वास्थ्य आपातकालीन बुनियादी ढांचा प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अग्रिम एंबुलेंस और स्ट्रोक वैन के एक मजबूत नेटवर्क की योजना यह सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है कि स्ट्रोक प्रबंधन और उपचार स्वास्थ्य सुविधा के रास्ते में शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि ये एंबुलेंस यात्रा मार्ग के विभिन्न बिंदुओं पर तैनात रहेंगी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश भर के मेडिकल कॉलेजों के पीजी छात्रों को मजबूत हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के हिस्से के रूप में तैनात करने का प्रस्ताव है, जो पहले उत्तरदाताओं के रूप में कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि यह अनुभव पीजी छात्रों के लिए एक कौशल और क्षमता निर्माण अभ्यास के रूप में भी काम करेगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा यात्रा के ऊंचे इलाकों में आपातकालीन दवाएं मुहैया कराने के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि हाल ही में पूर्वोत्तर क्षेत्र में कोविड-19 टीकों के परिवहन के लिए ड्रोन का सफलतापूर्वक उपयोग किया गया है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री गढ़वाल हिमालय में 10,000 फुट से ऊपर स्थित हैं।

केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री गढ़वाल हिमालय में 10,000 फुट से ऊपर स्थित

हाल ही में एम्स-ऋषिकेश ने दवाइयां देने और लेने के लिए ड्रोन सेवा शुरू की है। साथ ही एम्स ऋषिकेश, दून मेडिकल कॉलेज और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों के साथ एक मजबूत रेफरल बैकएंड सिस्टम विकसित किया जा रहा है जो विशेषज्ञ देखभाल के लिए तृतीयक नोड के रूप में काम कर रहा है।